दुनियाभर में ऊर्जा का संकट और इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच रसोई गैस (LPG) के दामों ने एक बार फिर आम आदमी और बिजनेस क्लास का ध्यान अपनी ओर खींचा है। विशेष रूप से पश्चिम एशिया में जारी टेंशन और सप्लाई चेन में आने वाली रुकावटों की वजह से ग्लोबली एनर्जी के दामों में तेजी दिख रही है। आज के इस आर्टिकल में हम आपको भारत में गैस सिलेंडर के भाव और उससे जुड़ी जरूरी डिटेल्स दे रहे है।

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भारत में गैस सिलेंडर का नया भाव
हाल ही में ग्लोबल मार्केट में LPG (रसोई गैस) के दामों में वृद्धि देखने को मिली है जिससे यह सालाव उठता है कि भारत में गैस सिलेंडर की कीमतें क्या होंगी? जैसे-जैसे इंटरनेशनल मार्केट में ऑयल और गैस के दाम बढ़े हैं भारत में भी इसके असर को महसूस हो रहा है। हम आपको LPG के दामों में वैश्विक वृद्धि और भारत में गैस सिलेंडर के भाव पर पूरी जानकारी प्रदान करता है।
LPG के दाम दुनियाभर में बढ़ने की वजह
वैश्विक LPG बाजार में दामों में वृद्धि की काफी वजह हैं। सबसे पहले क्रूड ऑयल की कीमतों में बढ़ोतरी इस पर सीधा असर डाल रही है क्योंकि LPG का बनाना मुख्य रूप से क्रूड ऑयल और नेचुरल गैस से होता है।
इसके अलावा यूक्रेन-रूस लड़ाई की वजह से ऊर्जा संकट ने ग्लोबली मार्केट में सप्लाई चेन प्रभावित किया है। जिसकी वजह से गैस की कीमतों में उछाल आया है। काफी खास देशों में ऊर्जा संकट जैसे कि चीन और यूरोपीय देशों में गैस की आपूर्ति में कमी, ने इन दामों को और बढ़ा दिया है।
भारत में LPG सिलेंडर की कीमत पर असर
भारत में LPG सिलेंडर की कीमतों पर ग्लोबल बढ़ोतरी का असर देखा जा रहा है। हालांकि भारत सरकार ने घरेलू उपयोगकर्ताओं के लिए LPG के दामों में सीधे बढ़ोतरी को कंट्रोल किया है लेकिन इसके बावजूद खुदरा मार्केट में LPG सिलेंडर के दाम बढ़े हैं। भारतीय गैस कंपनियां, जैसे इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) ने भी दुनियाभर के दामों के हिसाब से अपनी की को कंट्रोल किया है।
इसके बावजूद सरकार ने सबसिडी से आम जनता को राहत देने की कोशिश की है लेकिन इसके बावजूद गैस सिलेंडर की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा जा सकता है। सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में LPG सब्सिडी में कटौती की है, जिससे उपभोक्ताओं को थोड़ा और महंगे दामों का सामना करना पड़ रहा है।

भारत में LPG सिलेंडर की मौजूदा कीमत
जुलाई 2023 में भारत में 14.2 किलो के घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत लगभग ₹1,000 के आसपास थी, जो विभिन्न राज्यों और शहरों में अलग-अलग हो सकती है। उदाहरण के लिए, दिल्ली में 14.2 किलो के सिलेंडर की कीमत ₹1,005 के आस-पास है वहीं मुंबई में यह ₹1,000 से अधिक हो सकती है।
यहां तक कि दोपहर 2 किलो के सिलेंडर की कीमत भी अधिक हो गई है जो अब ₹300 से ₹350 के आसपास देखी जा रही है। हालांकि बाजार में गैस सिलेंडर के दाम स्थिर नहीं होते और यह समय-समय पर इंटरनेशनल मार्केट के आधार पर बदलते रहते हैं।
LPG सिलेंडर की कीमत पर GST और अन्य टैक्स
भारत में LPG सिलेंडर की कीमतों पर केवल अंतरराष्ट्रीय बाजार के प्रभाव ही नहीं होते, बल्कि GST (Goods and Services Tax) और विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा लगाए गए अन्य शुल्क भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
हालांकि LPG सिलेंडर पर GST की दर 5% रखी गई है, लेकिन यह शुल्क सिलेंडर की कीमत को थोड़ा बढ़ा देता है। इसके अलावा, आवासीय उपयोग के लिए सरकार सब्सिडी प्रदान करती है, लेकिन यह राशि समय-समय पर बदलती रहती है, जिससे उपभोक्ताओं को सब्सिडी के बदलाव का असर भी देखने को मिलता है।
भारत में LPG सिलेंडर की कीमत बढ़ने की वजह
भारत में LPG सिलेंडर के दामों में बढ़ोतरी के कई कारण हो सकते हैं। सबसे वजह है कि भारत लगभग 80% LPG आयात करता है और वैश्विक LPG की कीमतों में बढ़ोतरी होने पर भारत की आयात लागत भी बढ़ जाती है। इसके अलावा रूपए की गिरावट की वजह से विदेशी मुद्राओं में आयात की लागत और बढ़ जाती है जिससे सिलेंडर की कीमत बढ़ती है।
आम लोगो पर LPG सिलेंडर के दाम का असर
LPG सिलेंडर के बढ़ते दामों का सबसे बड़ा असर घरेलू ग्राहकों पर होता है। देश का मिडिल क्लास और गरीब परिवार के लिए यह एक एक्स्ट्रा बोझ बन सकता है। खासकर उन परिवारों के लिए जो पहले ही महंगाई और रोजगार संकट से जूझ रहे हैं। ये वर्ग LPG सिलेंडर पर काफी डिपेंड करता है।
सरकार ने इस पर कुछ राहत देने के लिए PMUY (प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना) जैसी स्कीम शुरू की हैं जिनके तहत गरीब परिवारों को फ्री सिलेंडर दिए जाते हैं। हालांकि जैसे-जैसे सिलेंडर की कीमत बढ़ रही है सबसिडी का हिस्सा भी घटने लगा है। ऐसे में आम जनता को ज्यादा परेशानी हो रही है।
क्या सरकार LPG की कीमतों को कंट्रोल रेगी?
भारत सरकार समय-समय पर LPG सिलेंडर की कीमतों को कंट्रोल करने की कोशिश करती है। खासकर चुनावों के समय, सरकार कीमतों में स्थिरता बनाए रखने के लिए कुछ राहत पैकेज लाती है। इसके साथ ही सबसिडी योजनाओं से गरीब और मध्यम वर्ग के ग्राहकों को राहत देने की कोशिश की जाती है।
हालांकि सरकार के लिए LPG सिलेंडर की कीमतों को काबू में लाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है क्योंकि वैश्विक तेल और गैस मार्केट में उतार-चढ़ाव का असर भारतीय कीमतों पर पड़ा है।
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क्या भविष्य में LPG के दामों में कमी हो सकती है?
हालांकि यह कहना मुश्किल है कि भविष्य में LPG की कीमतों में कमी आएगी, लेकिन यदि वैश्विक तेल बाजार स्थिर रहता है और रूपए की स्थिति बेहतर होती है, तो सिलेंडर की कीमत में कुछ राहत मिल सकती है। इसके अलावा, सरकार यदि सबसिडी में वृद्धि करती है या आयात शुल्क में कटौती करती है तो यह भी दामों को नियंत्रित करने में मददगार हो सकता है।
LPG के दामों में बढ़ोतरी दुनियाभर में एक गंभीर मुद्दा बन गया है जिसका प्रभाव भारत जैसे देशों पर भी पड़ रहा है। सरकार और कई संस्थाएं लगातार इस क्षेत्र में सुधार करने की कोशिश कर रही हैं लेकिन फिलहाल LPG सिलेंडर के दामों में स्थिरता बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ग्राहकों के लिए यह जरूरी है कि वे LPG सिलेंडर के सही दामों और सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी रखें और स्मार्ट तरीके से इनका यूज करें।
FAQs
LPG सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि के कारण क्या हैं?
LPG सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि के मुख्य कारणों में वैश्विक बाजार में तेल और गैस की कीमतों का बढ़ना, भारत का आयात निर्भर होना, और रूपए की गिरावट शामिल हैं।
भारत में LPG सिलेंडर का वर्तमान दाम क्या है?
भारत में 14.2 किलो का घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत कई शहरों में ₹1,000 से ₹1,050 के बीच हो सकती है। जैसे दिल्ली में ₹1,005 और मुंबई में ₹1,000 से अधिक हो सकती है।
क्या भारत सरकार LPG की कीमतों को नियंत्रित करती है?
हां, भारत सरकार LPG सिलेंडर की कीमतों को कंट्रोल करने की कोशिश करती है लेकिन वैश्विक मार्केट में तेल और गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण यह चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
LPG सिलेंडर पर GST कितना है?
भारत में LPG सिलेंडर पर 5% GST लागू होता है जो सिलेंडर की कीमत को थोड़ा बढ़ा देता है। इसके अलावा राज्य सरकारों के कई लोकल टैक्स और विभिन्न टैक्स भी लगाए जा सकते हैं।
क्या भविष्य में LPG सिलेंडर के दामों में कमी हो सकती है?
LPG सिलेंडर के दामों में कमी संभव है यदि ग्लोबल ऑयल र गैस बाजार स्थिर होते हैं और भारत सरकार सब्सिडी और आयात शुल्क में कटौती करती है।















